इंसान इतना घमंड क्यों है – Insaan itana ghamand kyon hai

insaan itana ghamand kyon hai

आजकल की बात की जाए तो इंसान घमंडी तो है ही लेकिन सारे नहीं है। जिसके पास ज्ञान है वह तो घमंड में आ ही जाता है लेकिन ऐसे बहुत से लोग आपने भी देखे हुए कि जिस जिसके पास ज्ञान सिर्फ नाम मात्र है और घमंड तो पूरी दुनिया का लेकर घूमते रहते हैं। … Read more

आपकी कोई निंदा करें तो – Aapakee koee ninda karen to

आपकी कोई निंदा करें तो - Aapakee koee ninda karen to...

अगर कोई हमारी निंदा करता है तो एक आम आदमी की प्रतिक्रिया जो होती है वही होती है जैसे कि गुस्से में आकर के उसको जवाब देना। गुस्से में आकर के जवाब देना वही हमारी सर्वप्रथम प्रतिक्रिया होगी उसके बाद अगर प्रतिक्रिया होने के बाद अगर सब कुछ सही रहा तो बात धीरे-धीरे ठंडी हो … Read more

जब मन उदास हो तो क्या करें – Jab man udaas ho to kya karen

जब मन उदास हो तो क्या करें - Jab man udaas ho to kya karen

आजकल मन उदास होना यह कुछ ज्यादा बड़ी बात नहीं है बहुत से लोगों को कोई भी छोटी-छोटी बातें मन उदास हो जाता है और वही अपना खराब मोड़ लेकर इधर-उधर घूमते रहते और सब से मिलते रहते हैं। कुछ लोग तो मन उदास हो तो कभी किसी से अच्छे से बात भी नहीं करते … Read more

जीवन के कड़वे सत्य – jeevan ke kadave saty

jeevan ke kadave saty

ईमानदारी से पैसे कमाओ आपने आजकल ऐसे बहुत सारे लोगों के मुंह से सुना होगा कि ईमानदारी से जियो इमानदारी से रहो इमानदारी से खाओ पियो और मस्त रहो। क्या यह हम सब ने अपने जीवन में उतार दिया है क्या हम इस तथ्य को अपने जीवन में अनुसरण कर रहे हैं नहीं ना? यह … Read more

वर्षा ऋतु के समय की बचपन की यादें – Varsha rutu kee yaaden

Varsha-rtu-ke-samay-kee-bachapan-kee-yaaden.

हम कहीं पर भी रहे, किसी भी देश में रहे पर सभी देश की अपनी कुछ अच्छाइयां होती हैं। कुछ यादें होती हैं। ऐसे ही भारत जैसे देश में बहुत सारी ऋतु है। उनमें से एक है वर्षा ऋतु। जब यह वर्षा ऋतु आती है तो अपने साथ बहुत सारी यादें भी लेकर आती है। … Read more

Bachpan ke sunehre din or yaade – बचपन के सुनहरे दिन और यादें

Bachapan ke sunaharee din or yaade - बचपन के सुनहरे दिन और यादें

Bachpan ki yade – बच्चे सोचते हैं कि हम कब बड़े हो जाएं और जब बड़े हो जाते हैं तो यह सोचते हैं कि काश हम छोटे होते। कुछ भी हो सबसे प्यारा तो बचपन ही होता है। बचपन के दिनों की कुछ अपनी बहुत प्यारी प्यारी यादें हैं। ना कमाने की टेंशन, ना खाने … Read more

Bhagwan ke bharose mat raho – भगवान के भरोसे मत रहो

Bhagwan ke bharose mat raho

भगवान के भरोसे मत रहो (Bhagwan ke bharose mat raho)  क्या पता भगवान आपके भरोसे हो हां यह बात सही है क्योंकि हर कोई इंसान यही सोचता है कि कब भगवान हमारा भला करें कब भगवान हमें अच्छे दिन दिखाए लेकिन यह कुछ हद तक सही है परंतु हमें भी कुछ नहीं मत करनी पड़ती … Read more