Bhagwan ke bharose mat raho – भगवान के भरोसे मत रहो

भगवान के भरोसे मत रहो (Bhagwan ke bharose mat raho)  क्या पता भगवान आपके भरोसे हो हां यह बात सही है क्योंकि हर कोई इंसान यही सोचता है कि कब भगवान हमारा भला करें कब भगवान हमें अच्छे दिन दिखाए लेकिन यह कुछ हद तक सही है परंतु हमें भी कुछ नहीं मत करनी पड़ती है।

अगर हम घर में ही बैठे बैठे यह सोचे कि भगवान हमें यह दे दे, वह दे दे, दुनिया के सारे सुख दे दे, हमें कभी दुखी नहीं होना पड़ेगा बंगला, गाड़ी, पैसा भी सब दे दे। यह नहीं हो सकता है।

सुख पाने के लिए मेहनत करना जरूरी है क्योंकि बिना मेहनत के सुख मिलना सहज नहीं है बहुत मुश्किल है।

आप और मैं कई बार सोचते हुए की भगवान हमें अच्छे दिन दिखाएगा भगवान हमें सबको देगा लेकिन क्या पता भगवान भी यह सोच रहा हूं कि कब यह थोड़ा सा मजबूत होकर थोड़ी सी मेहनत कर ले और मैं उसका साथ दो ताकि उसको उसकी मंजिल बड़ी सहज मिल जाए।

भगवान के भरोसे मत रहो (Bhagwan ke bharose mat raho)

आज की दुनिया में हर किसी के अपने सपने हैं हर कोई बड़ा बनना चाहता है हर कोई पैसे वाला बनना चाहता है ऐसा कौन है जिसका कोई खुद का सपना नहीं है जो बड़ा बनना नहीं चाहता जो नाम कमाना नहीं चाहता सब यही चाहते हैं।

सबके अंदर एक ऐसी खूबी होती है। जिसको वह अगर जान ले तो उसी के जरिए वह दुनिया के सारे सुख प्राप्त कर सकता है और जो चाहे वह मंजिल प्राप्त कर सकता है।

हमारे आसपास के जो लोग आपको दिखाई दे रहे हैं उन सब के अंदर ऐसी कुछ ना कुछ खूबी होती है जिसके जरिए वह अपनी मंजिल को बड़ी साजिदा से प्राप्त कर सकता है लेकिन उसको अपनी उस खूबी का एहसास होना जरूरी है।

हमारी समाज में आपने ऐसे कई लोगों को देखा होगा जो कई सालों से पता नहीं 8 या 10 सालों से एक ही जगह एक ही कंपनी में एक ही पोस्ट पर काम किए जा रहे हैं। उनको क्या उनको अपने प्रमोशन होना अच्छा नहीं लगता है? अच्छा तो लगता है लेकिन वह थोड़ी सी भी हिम्मत करके कुछ अपने दम पर करना नहीं जानता है।

अगर वह थोड़ी सी भी हिम्मत करके कुछ नया करने की कोशिश करें तो वह जरूर सफल हो सकता है। लेकिन उसको सिर्फ थोड़ी सी हिम्मत की जरूरत है और सही चीज को पकड़ने की। जो खूबी उसके अंदर है जिस खूबी के जरिए वह जीवन की सारी सफलताओं को प्राप्त कर सकता है। सफलता की चाबी को प्राप्त कर सकता है और अपना जीवन एकदम सहज रीती से बिता सकता है।

खास करके जो लोग भगवान के भरोसे रहते हैं उनको अंत में पछताने के सिवाय और कोई भी विकल्प नहीं होता है। क्योंकि वह श्री भगवान का इंतजार कर रहे थे और भगवान यह सोच रहे थे कि कब वह कोशिश करें और मैं उसको सफलता दिन आने में थोड़ी सी मदद करूं।

सफलता हमें ऐसे ही नहीं मिलती हो सफलता के लिए हमें जीवन में बहुत सारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है बहुत सारी समस्याओं से जूझना पड़ता है तब जाकर हमें सफलता की कुंजी मिलती है।

जीवन में सफल इंसान को देखा होगा परंतु उस सफल इंसान के पीछे कितनी मेहनत है वह शायद ही सबको पता होता है। सफलता प्राप्त करना कोई बच्चों का खेल नहीं है।

जो लोग सफल हो चुके हैं उनकी सफलता को आज पूरी दुनिया देख रही है लेकिन उस सफलता के पीछे उस व्यक्ति ने कितनी मेहनत की है यह तो सिर्फ वही जानता है।

उसने क्या दुख सहे हैं यह भी सिर्फ वही जानता है। क्योंकि वह किसने किसी मजबूरी के वश होकर ही उसने यह सोचा होगा कि मुझे कुछ तो करना ही है तब जाके मुझे सफलता मिलेगी।

ठीक है से ही ऐसे बहुत लोग है जो किसी ना किसी मजबुरी के कारण एक मुकाम हासिल करने के लिए सच्ची लगन से मैंने करने में लग जाते हैं, और वह कहते हैं ना की कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

जीवन में कुछ भी सफलता प्राप्त करने के लिए या किसी भी चीज का सिद्धि को हासिल करने के लिए भगवान के भरोसे मत बैठो। खुद खड़े होकर कुछ करो।

कुछ करने की ठान लो तो आप अवश्य कर पाओगे। हमें सिर्फ जरूरत होती है तो हमारे अंदर से एक आग जगाने की बस, आग जल गई तो आप दुनिया में जो चाहे वह प्राप्त कर सकते हो।

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