चिंता से मुक्ति कैसे प्राप्त करें – chinta se mukti kaise prapt karen Hindi

चिंता से मुक्ति कैसे मिले यह आपको एक बार जरूर विचार आया होगा। सभी लोगों को शायद आज तक कभी ना कभी चिंता तो हुई होगी वह किसी भी वजह से हुई हो सकती है। कुछ लोगों को तो हमेशा ही चिंता होती रहती है।

वह भी कल की चिंता आज की नहीं । कि कल क्या होगा? मेरा बेटा पढ़ाई में पास होगा या नहीं? जॉब अच्छी लगेगी या नहीं? ऐसी बहुत सारी चिंताएं जो सबके दिमाग में चलती रहती है। आजकल सब चिंता मुक्त कैसे बने यह सोचते रहते हैं। चिंता से मुक्ति अगर आप चाहे तो बिल्कुल आसानी से प्राप्त कर सकते हैं ।

मेरे हिसाब से शायद आप लोगों को आज तक यह भी एक बार ख्याल आया होगा कि आखिर अंत में हमें एक दिन मरना ही है तो फिर हम यह सब क्यों कर रहे हैं? मैंने सही कहा ना? फिर भी हम चिंता करते रहते हैं।

लेकिन यह विचार आने के बाद आपने क्या किया? कुछ तो किया होगा तभी वह विचार दिमाग से हटा होगा नहीं तो विचार वही का वही रहता। आप आगे कुछ सोच ही नहीं सकते।

आपने क्या किया था? आपने उस विचार को थोड़ा धक्का मार दिया था ताकि वह विचार थोड़ा पीछे हो जाए। कौन सा धक्का? धीरज का धक्का। यही तो है एकमात्र आसान रास्ता चिंता से मुक्ति प्राप्त करने का।

जी हां। हम इंसान थोड़ा सा भी धीरज नहीं रखते। चिंता युक्त बनकर ही घूमते रहते हैं। थोड़ा सा धैर्य नहीं रखते।

बस सब कुछ हमारे हिसाब से हमारी मुताबिक ही होना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं होता है।

क्या आपने कभी किसी चींटी को कल की चिंता करते हुए देखा है? क्या आपने किसी हाथी को कल की भोजन की चिंता करते हुए देखा है? क्या आपने कभी कुत्ते को कल की चिंता करते हुए देखा है?

 

चिंताओं से मुक्त कैसे हुआ जाए ? 

मैं तो कहता हूं इंसान के सिवा किसी भी ने कल की चिंता करते हुए देखा है? नहीं। तो फिर हम इंसान ही क्यों चिंता युक्त बने रहते हैं? क्यों चिंता में डूबे रहते हैं? क्यों चिंता से मुक्ति प्राप्त करने का रास्ता ढूंढते नहीं है। चिंता मुक्त क्यों नहीं बनते।

क्या आपने कभी देखा है कि किसी मजदूर को रात को सोने सोने के लिए नींद की गोली की जरूरत पड़ती है? नहीं देखा ना। पर हां, शायद आपने यह जरूर देखा या सुना होगा कि बड़े-बड़े अमीरों को रात को सोने के लिए नींद की गोली लेनी पड़ती है।

chinta se mukti
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जबकि अमीर लोगों के पास धन, दौलत, बंगला, गाड़ी आदि सब कुछ होता है। फिर भी उनको रात को नींद नहीं आती है और मजदूर लोगों की बात करें तो उनको कल काम मिलेगा या नहीं। कल उनको खाना मिलेगा या नहीं उनको यह भी पता नहीं है । फिर भी रात को इतने अच्छे से सोते हैं कि सुबह कब होती है यह पता भी नहीं होता है।

इसमें सोचने वाली बात यह है कि एक इंसान है जिसके पास कुछ भी नहीं है फिर भी आराम से सोता है और एक इंसान के पास सब कुछ है फिर भी उसको अच्छे से नींद नहीं आती है।

 

 चिंता से मुक्ति का उपाय

उसका कारण यह है कि होते हुए भी चिंता है और नहीं होते हुए भी चिंता नही है। यानी कि इन दोनों की कैटेगरी में देखा जाए तो मजदूर की जिंदगी वाकई बहुत बढ़िया हैं।

वास्तव में इंसान के अंदर चिंता होना आम बात है। हर कोई ऐसी परिस्थिति से गुजर रहा है की परेशानी वह खुद ही जानता है और कुछ तो ऐसी परेशानी होती है जो वह किसी के साथ शेर भी नहीं कर सकता। खुद ही जानता है और खुद तक ही रहने देता है।

चिंता से मुक्ति प्राप्त करने का एकमात्र यही सूत्र है कि, किसी भी इंसान को सिर्फ विचार करने का अधिकार है उसके लिए चिंता करने का अधिकार बिल्कुल भी नहीं है।

 

 

यह बात को हम समझने की कोशिश करेंगे तो समझने में थोड़ा डिफिकल्ट है और उससे भी ज्यादा डिफिकल्ट उसको रियल लाइफ में अप्लाई करना है।

डिफिकल्ट इसीलिए है क्योंकि हमें तो चिंता करने की आदत पड़ चुकी है कि कल क्या होगा? परसों क्या होगा? मेरी जॉब का क्या होगा? मेरी बेटी की पढ़ाई का क्या होगा? या फिर फैमिली की और भी बहुत सारी टेंशन। यह डिफिकल्ट इसीलिए है।

लेकिन अगर हम कर देते है तो चिंता से मुक्ति प्राप्त करने के लिए हमें कहीं और जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। चिंता से मुक्ति हमें स्वतह ही मिल जाती है।

यहां पर चिंता और विचार दोनों अलग अलग चीज है यानी कि सिर्फ एक बार किसी चीज पर सोचा जाए उसको विचार कहते हैं या फिर सोच कहते हैं लेकिन उसी एक ही चीज को बार बार सोचा जाए या विचार किया जाए तो वह चिंता में परिवर्तन हो जाता है और हमें उसी के फर्क को जानना है।

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