गुस्सा कैसे कंट्रोल करे – gussa kaise control kare in Hindi

हम सबको जीवन में कभी ना कभी गुस्सा तो आया ही होगा। गुस्सा होने के बाद हमें यह प्रतीत होता है कि हमें गुस्सा नहीं करना चाहिए था। जब हम गुस्सा शांत करते हैं तब हमें यह मन में विचार आता है कि गुस्सा कैसे कंट्रोल करे gussa kaise control kare या गुस्से को शांत करने के उपाय क्या है? यह हम ढूंढने लग जाते है।

गुस्सा एक विशिष्ट मुद्दा है। कई व्यक्ति गुस्से का अनुभव करते हैं। गुस्सा कुछ इस तरह से करते हैं फिर सोचते है के गुस्सा कैसे कंट्रोल करे gussa kaise control kare.

आज के समय में किसी को भी गुस्सा आना कोई बड़ी बात नहीं है। कोई भी किसी को भी एक ही सवाल अगर दो या तीन बार पूछ लेते हैं तो इस तरह से गुस्सा करेगा जैसे कि, पता नहीं हम उसके कितने पुराने दुश्मन है।

यह चीज मैंने अनुभव की है। इसलिए मैं आपके साथ शेयर कर रहा हूँ। शायद ठीक ऐसा अनुभव आपको भी हुआ हो तो कृपया कमेंट करके जरूर बताएं।

गुस्सा आने के लिए उसे कोई खास रीजन की जरूरत नहीं होती है। बस थोड़ी सी भी अगर ऊंच-नीच हो जाती है तो भी इंसान को गुस्सा आ जाता है।

गुस्सा कैसे कंट्रोल करे

देखा जाए तो अगर हम किसी को कोई बात कहते या समझाते हैं यानी कि हमने किसी से आश रखी है और वह हमारी आश को पूरी नहीं करता है या फिर हमारी बात नहीं सुनता है तो, हमें उसके प्रति मन में गलत भावनाएं पैदा होती है। मतलब उसको नुकसान देने वाले ही बातें दिमाग में आती है। उसी को गुस्सा कहते है। जिसे सामने वाले का नुकसान ही होता है।

तो आइए आज हम जानते हैं ऐसे ही नुकसानदायक गुस्से को शांत कैसे करें या अपने गुस्सा कैसे कंट्रोल करे, कुछ प्वाइंटों के जरिए हम समझते हैं।

यहां पर गुस्से को शांत करने के लिए 6 मुख्य पॉइंट्स है। जिसको हम बारी-बारी से समझेंगे और अपने गुस्से पर कंट्रोल करने का संपूर्ण प्रयास करेंगे।

1. सदा सकारात्मक रहे

मनुष्य के मन के अंदर विचार अपने आप परिस्थिति के वश बदलते रहते हैं। यानी कि कोई परिस्थिति अगर गुस्से वाली है तो हमारे दिमाग नेगेटिव काम करता है। अगर कोई परिस्थिति गुस्से वाली नहीं है तो हमारा दिमाग में नेगेटिविटी नहीं आएगी। तो किसी भी परिस्थिति को हमें हमारे दिमाग शांत रखना है। सकारात्मक रखना है। मन में नेगेटिव चीजें नहीं आनी चाहिए।

2. शुद्ध भोजन ग्रहण करें

आजकल की जीवन में किसी के पास समय नहीं है यहां तक कि घर में भोजन बनाने का भी समय नहीं है। समय की कमी के कारण सब लोग बाहर का खाना खाते हैं। बाहर का खाना घर के खाने जितना शुद्ध और सात्विक नहीं होता है। जितना गुण जितने विटामिंस और शक्ति हमें करके खाने से मिलती है इतनी गुण विटामिंस और शक्ति है हमें बाहर के खाने से बिल्कुल भी नहीं मिलते यानी कि बाहर का खाना हमारे लिए शुद्ध और सात्विक नहीं है

हां, कुछ ऐसी जगह है जहां पर इन बातों का ध्यान रखने के लिए पूरी कोशिश की जाती है लेकिन फिर भी घर के खाने की तुलना में बाहर का खाना कभी नहीं आ सकता है।

जितना शुद्ध सात्विक भोजन होगा इतना हमारे दिमाग और शरीर की काम करने की जो प्रोसेस है वह भी उतनी बहुत बढ़िया काम करती है।

3. हमेशा खुश रहे

यह जो हमेशा खुश रहे शब्द है यह जितना सरल है पढ़ने में उतना हकीकत जीवन में अमल में लाना उतना ही मुश्किल है। क्योंकि जीवन के हालात कभी भी कहीं भी बदल सकते हैं।

कभी भी कुछ भी हो सकता है। किसी भी परिस्थिति में खुश रहना आसान बात तो नहीं है लेकिन अगर हम कोशिश पूरी करेंगे तो शायद हम सफल हो सकते हैं। और शायद किसी ने कहा है कि कोशिश करने से हमें कामयाबी जरूर मिलती है।

4. रोजाना व्यायाम और योग करें

रोजाना व्यायाम और योग करने से क्या और कितने फायदे हैं यह तो शायद सब जानते ही होंगे लेकिन फिर भी मैं आपको बता देना चाहता हूं कि व्यायाम करने से हमारे ब्लड सरकुलेशन की जो प्रोसेस है वह बहुत इजी हो जाती है और वह इसी होने के कारण हमारे दिमाग की काम करने की प्रोसेस भी बहुत इजी हो जाती है

यह बात बड़े बड़े वैज्ञानिकों ने साबित कर दी है कि, एक्सरसाइज करने से हमारे शरीर को बहुत सारे फायदे होते हैं और सबसे बड़ा फायदा तो यह है कि एक्सरसाइज और योगा करने से हम रोगों से काफी दूर रहते हैं यानी कि रोगों से बच सकते हैं। इससे गुस्सा आने के चांसेस बहुत कम हो जाते हैं।

5. अच्छे लोगों के संपर्क में रहे

जीवन में सफलता पाने के लिए और बहुत सारी बातों को समझने के लिए हमें अच्छे लोगों के संपर्क में रहना जरूरी है। जैसे कि कुछ मोटिवेशन किताबें पढ़ना जो सफल लोग हैं उनके किसी को पढ़ना याने की मोटिवेशनल किताबे वीडियो शादी को देखना है जिससे हमें कुछ नया करने की कुछ अच्छा करने की बातें सीखने को मिले।

अच्छे लोगों के संपर्क में रहेंगे तो गुस्सा कैसे कंट्रोल करे यह थोड़ा तो समाज आ ही जाता है।

हमने देखा हो कि हमारे समाज में कुछ ऐसे लोग होते हैं जो लोगों की सेवा करते हैं। लोगों की हेल्प करते हैं। जो लोग दूसरों की हेल्प करते हैं लोग भी उनकी हेल्प तुरंत करते हैं।

देखा जाए तो हमारी सोसाइटी और समाज में ऐसे लोगों की कमी बढ़ती ही जा रही है। आजकल किसी के पास भी थोड़ा सा भी समय नहीं है जो किसी को मदद कर सके।

6. अपने मन को खुश रखें

इस समय मैं अपने मन को खुश यह बहुत बड़ी बात है क्योंकि परिस्थितियों के सामने हालात के सामने अपने मन को अपने दिल को खुश रखना बहुत बड़ी बात है क्योंकि यहां पर हर कदम पर कुछ ना कुछ ऐसी बात सुनने में आती है या दिल टूटने वाली बात सामने आती है जिससे हम नाराज हो जाते दुखी हो जाते हैं।

किसी भी हालत में अगर हम दुखी होते हैं तो हमें पिछली ऐसी कोई भी बात याद करनी है जिससे हम बहुत खुश हुए थे। जैसे की सबसे लास्ट वाला हमारा सबसे बेस्ट मोमेंट कौन सा था? वह पल कौन सा था? जिससे हमें बेहद खुशी मिली थी। हमें वह पल को फिर से याद करके खुश होना है। और इससे ही हम अपने मन को खुश रखेंगे और हमेशा दूसरों की मदद करते रहेंगे तो भी हम अपने मन को खुश रख सकते हैं।

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