जीवन क्या है? What Is Life In Hindi

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जीवन क्या है What Is Life In Hindi

जीवन की शुरुआत – जीवन क्या है

जीवन जन्म से शुरू होता है वह जन्मदाता के दाता के साथ जुड़ा हुआ है। यानी के माता पिता। जब बच्चा जन्म लेता है तो बिल्कुल ही खाली होता है उसके अंदर कोई भी विचार विमर्श नहीं होते हैं फिर धीरे-धीरे जैसे बड़ा होता है उसको बोलना और खाना पीना सिखाया जाता है।

धीरे धीरे समय जाता है तो वह स्कूल में शिक्षा प्राप्त करने भी जाता है और वहां उसकी एक दूसरे से मित्रता होती है और अपने मित्रों से बातचीत करता है और अपने अंदर कुछ ज्ञान का पौधा डालता है। जो जीवन जीने के लिए जरूरी होता है और बड़ा होता है।

दुनिया की समझ धीरे धीरे आने लगती है। वह धीरे-धीरे मनुष्य जीवन को संपूर्ण विधि से जानता रहता है यह चलता रहता है और एक दिन मां बाप बुजुर्ग होते हैं। तब सब जिम्मेवारी उसके ऊपर आ जाती है और वह फिर भी जिम्मेवारी पूरी करते-करते अपना शरीर छोड़ देता है। यानी यहां पर मैं आपको जीवन को शॉर्ट में समझाने की कोशिश कर रहा हूं कि जीवन क्या है और उसमें क्या-क्या स्टेप्स हम लेते रहते हैं।

मनुष्य से देखा जाए तो जीवन की परिभाषा समय व्यतीत होने बदलती रहती है जैसे कि हम यहां सुबह स्नान कर रहे भगवान की पूजा करते है उस समय भगवान हमारा जीवन बनता है। उसके बाद हम नाश्ता करते हैं तो उस समय नाश्ता हमारा जीवन की परिभाषा बन जाता है फिर जब हम नौकरी पर जाते हैं तो काम हमारा जीवन की परिभाषा बन जाती है ठीक है ऐसे ही हर समय जीवन का है उसकी परिभाषा बदलती रहती है।

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जीवन एक ऐसी रेखा है जिस पर जितना चलते उतना कम लगता है। कहने का तात्पर्य यह है कि हमारे जीवन की इच्छाएं बढ़ती रहती है और हम जीवन से कभी संतुष्ट नहीं होते हैं।

सरल शब्दों में अगर पूछा जाए जीवन क्या है? तो इसके हजारों जवाब मिल सकते हैं। कोई कहेगा खुशी ही जीवन है, कोई कहेगा पैसा ही जीवन है, कोई कहेगा खाना ही जीवन है। तो इस तरह से सभी के लिए जीवन के मतलब अलग-अलग है।

जीवन क्या है यह समझने के लिए हमें सबसे पहले खुद को समझना जरूरी है उसके बाद ही जीवन के है उसके बारे में बात करते हैं।

हम इस पृथ्वी पर रह रहे एक इंसान हैं। जो जन्म लेता है और मरता है जन्म से मरने के बीच में वह जो भी कार्य करता है उसको जीवन कहते हैं।

जीवन को समझने की सभी की अपनी-अपनी सोच होती है, जैसे कि एक सफल आदमी बात करें तो वह खुद की सफलता कोई अपना जीवन मानेगा।

किसी खाने के शौकीन इंसान जी पूछेंगे कि जीवन क्या है? तो वह फट से कहेगा कि अच्छा-अच्छा या टेस्टी खाना मिले बस वह खाता रहूंगा ओर बस वही मेरे लिए जीवन है।

जीवन को लेकर के सब ने अपने हिसाब से अलग-अलग दृष्टिकोण बना लिए हैं। मेरे हिसाब से देखो तो हंसते-रोते रहना और सबको खुशी बांटते रहना ही जीवन है।

किसी को कुछ पाकर खुशी मिलती है तो किसी को कुछ देख कर खुशी मिलती है तो उसी को जीवन समझते हैं।

हम लोग हमारे जीवन को अच्छा और सुंदर में बनाने के लिए बहुत सारे सपनों के महल सजाते रहते हैं। की मैं जब अच्छी नौकरी करूंगा तब एक महंगी गाड़ी लाऊंगा फिर मैं उसमें हर जगह घूमने जाऊंगा यह भी एक तरह से सोचने वाले का जीवन है।

जीवन क्या है What Is Life In Hindi

जीवन का उद्देश्य

मनुष्य ने जीवन जीने का एक खुद का उद्देश्य बना लिया है सिर्फ खुद के बारे में सोच कर डिसाइड करने का, जैसे खूब कमा कर के पैसे बनाकर बड़े घर और बड़े बंगलों में और महंगी कार में रहने का घूमने का एकदम आराम से जीवन बिताने का।

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भगवान ने हमें इस धरती पर जन्म दिया है एक खास मुद्दे के साथ भेजा है। जो आजकल हम मंदिर मस्जिद में भी सिखा जाता है कि जीवन क्या है और कैसे जिए?

वास्तव में मनुष्य को एक दूसरे की सहायता करके एक दूसरे के दुख को समझ कर उसका समाधान लाने का आदेश दिया है। पर आज के सभी मानव ऐसा करने में असमर्थ है।

हमारी वजह से दूसरों के जीवन में उमंग उत्साह जागे चेहरे पर मुस्कुराहट आए और शांति पूर्वक जीवन बिताएं यह उद्देश्य है।

जैसे हम एक दूसरे को मदद करके खुशी देंगे तो एक दिन पूरी दुनिया खुशियों से भर जाएगी। यह मनुष्य का असली उद्देश्य है। एक दूसरे को सुख शांति देना और एक दूसरे का सहारा बनना।

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जीवंत जीवन जीने का रास्ते

जीवन को जीने के लिए दो प्रकार के रास्ते है। सकारात्मक और नकारात्मक। कुछ लोग को जीवन समझे बिना ही खाते पीते बस समय काट रहे हैं वह तो बस सिर्फ उसको ही जीवन समझते हैं।

सकारात्मक जीवन क्या है

यह जीवन खुशहाल रूप में जाना जाता है, इसमें किसी भी प्रकार की दुख का एहसास नहीं होता बस अपनी जिम्मेदारी को पूरा करना होता है। ओर सबको खुश रखना होता है।

सकारात्मक जीवन के फायदे बहुत सारे फायदे हैं। अच्छा-बुरा समय तो हर किसी के जीवन में आता रहता है, तो फिर सकारात्मक रहके क्या करना है? परंतु आपको यह बता दें कि सकारात्मक जीवन सबसे उच्च गुणवत्ता का जीवन होता है।

सकारात्मक जीवन से हम हमेशा आगे बढ़ते रहेंगे और सफलता प्राप्त करते रहेंगे। सकारात्मक लोगों के साथ रहने से हम अंदर से सकारात्मकता की शक्ति एड होती है और हमें दुख का कोई एहसास भी नहीं होता।

सकारात्मकता सबको पसंद है। आज की जो सफल इंसान हैं उनको इंस्पायर करने वाली एक ही मेन चीज है वह है सकारात्मकता। क्योंकि जीवन क्या है उसको समझने के लिए हमारे अंदर सकारात्मक शक्ति का होना अति आवश्यक है।

नकारात्मक जीवन क्या है

नकारात्मक सोच वाले इंसान किसी को भी पसंद नहीं होते। मैं तो यह कहूंगा कि उनको भूत के नाम से जाना जाना चाहिए, जिससे सिर्फ सब डरते हैं कोई भी खुश नहीं होता।

एक नेगेटिव इंसान हमारी आसपास के सब लोगों को नकारात्मक सोच वाला इंसान बना सकता है और नकारात्मक सोच कैसे छुटकारा पाएं यह जानने के लिए यह नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करके सब जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

नकारात्मक सोच इंसान को सफलता प्राप्त करने में बिल्कुल भी मदद नहीं करती है और नकारात्मकता हमारे लिए भी बहुत नुकसान कारक है।

नकारात्मक सोच आज के समय में जरुर से ज्यादा फैली हुई है। नकारात्मक सोच की वजह से इंसान के अंदर बिन जरूरी चीजें आ जाती है जो हमारी बिल्कुल भी काम की नहीं है जैसे कि मर्डर केस, बलात्कार के केस, चोरी के केस, और सुसाइड के केस। आप अखबारों में भी पढ़ते होंगे, आप भी सब जानते हैं।

नकारात्मकता इंसान को सुसाइड करने तक भी मजबूर कर देती है। इसलिए जीवन में खुद के अंदर नकारात्मकता आने ना दें और ना ही ऐसे लोगों के संपर्क में रहे।

बीता हुआ समय एक वेस्ट पेपर है,
वर्तमान में चल रहा समय न्यूज़पेपर है,
भविष्य एक क्वेश्चन पेपर है,

तो बहुत ध्यान से इन सब पेपरों को लिखो और पढ़ो नहीं तो हमारा जीवन किसी पेपर जैसा होने वाला है।

जीवन में हम कई बार ऐसे दुविधा में फस जाते हैं कि क्या करें क्या ना करें और क्या सही है क्या गलत है कुछ समझ में नहीं आता है।

जीवन में क्या जरूरी है

जीवन क्या है उसको सकारात्मकत रीति से समझने के लिए कुछ आसान पंक्तियां

जिंदगी बहुत छोटी है हर पल खुश हूं मेरे काम से और मेरे आराम से भी।

आज मुझे किसी का भी साथ नहीं मिलता है तो कोई बात नहीं मैं अकेला चलने में भी खुश हूं।

जिसको देख नहीं सकता उसकी आवाज से भी खुश हूं।

जिस से मिल नहीं सकता तो क्या हुआ उसको सोच कर भी खुश हूं।

आज के समय में जीवन जीने के लिए धन बहुत आवश्यक है। और मनुष्य जीवन में धन से सब कुछ हो सकता है ऐसा मान के चल रहा है। धन हमारी इच्छाओं को पूरी करने में भी मदद करता है पर समस्या वहां आती है जब हम इच्छाओं को आवश्यक या फिर जीवन जरूरी समझने लगते हैं।

हमारी इच्छाओं को पूरी करने में हमारा संपूर्ण जो निकल जाता है। पर हम फिर भी यह जान नहीं पाते हैं कि जीवन क्या है? फिर जीवन में चाहे कितना भी धन हो हमारा मन कभी खुश नहीं होता। क्योंकि हम कभी ना पूरी होने वाली इच्छाओं के चक्कर में धन को एकत्रित करना ही अपने जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य समझ बैठे हैं जबकि हकीकत में वह नहीं है।

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