जीवन में सदा खुश कैसे रहे – Khush kaise rahe in Hindi

हम सब हमेशा जीवन में बहुत खुश रहना चाहते हैं। खुश रहने के लिए हम बहुत कोशिश भी करते हैं पर जब कामयाब नहीं होते हैं तब यही एक सवाल आकर रुक जाता है कि हम जीवन में खुश कैसे रहे – khush kaise rahe

जीवन में हर कोई खुश रहना चाहता है पर ये इतना आसान नहीं हे जितना हम सोचते है।

आखिर ऐसा क्या करें जिससे हम जीवन में खुश रहे और यह सवाल हमें कभी परेशान ना करें कि खुश कैसे रहेkhush kaise rahe

तो मैं आपको इस आर्टिकल के माध्यम से कुछ बातें बताना चाहता हूं जिससे, आपको अपने जीवन से फिर कभी कोई शिकायत नहीं रहेगी।

यहाँ सब खुश करने के लिए अलग अलग तरीके और टिप्स ढूंढ ते रहते है जैसे की पति को खुश रख के तारिका, पत्नी को खुश रख के तारिका, पति को खुश रखने के तरीके, पति को खुश रखने के उपाय हिंदी में, पति को खुश रखने तरीके, पति को खुश रखने टिप्स, पति को खुश रखने के तरीका, पति को खुश रखने के उपाय, पति को खुश कैसे करे टिप्स,

 

 

इस नई टेक्नोलॉजी की दुनिया में सब अपने जीवन में व्यस्त है पर खुश बहुत कम लोग हैं। वह लोग भी यह सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं कि जीवन में खुश कैसे रहेkhush kaise rahe. यहां पर खुश रहने के लिए आप कुछ उपाय दे रहे हैं जिससे आप खुश रहेंगे और जीवन का आनंद भी ले सकते हैं।

यहाँ पर आपको खुश रहने के तरीके बताने की कोशिश कर रहे हे। जो शायद आपको खुश कैसे रहे khush kaise rahe इसका भी जवाब मिल जाये।

1. कुछ भी सदा के लिए नही है – खुश रहने का सबसे आसान तरीका

मनुष्य के जीवन में जब दुख और समस्या आती है तो वह रोने लगता है या फिर, मंदिर मस्जिद के चक्कर काटता है। यह सब के साथ होता है वैसे मंदिर मस्जिद जाना कोई गलत बात नहीं है। उससे हमारा मन हल्का हो जाता है और हम कुछ अच्छा फील करते हैं। अब बात रहती है रोने की।

रोना इंसान जन्म से ही सीख जाता है। रोना इंसान को सिर्फ तब ही आता है जब उसको लगता है कि इस समस्या का कोई समाधान नहीं है या फिर, किसी भी समस्या का समाधान नहीं मिलता। शायद सब को यह बात पता होगी कि दिन के बाद रात आती है। और रात के बाद फिर दिन। यह एक चक्र है जो हमेशा चलता रहता है वह कभी नहीं रुकता।

मनुष्य जीवन में भी यही परिस्थिति है वह यह भूल जाता है की दुख आता जरूर है लेकिन, एक दिन चला जाएगा वह कभी स्थाई रूप से हमारे साथ नहीं रहता।

हमारे जीवन में सुख और दुख का चक्र चलता रहता है तो डरने की कोई जरूरत नहीं है। हकीकत में दुख का समय बहुत कुछ सिखा कर जाता है।

हमें खुश रहना है तो आने वाले दुखों से डरना नहीं है और Positive Thinking Power से हमारे जीवन को आगे बढ़ाना है, क्योंकि दुख तो एक दिन जाने वाला ही है।

2. दिल साफ रखे

आज के 21वी सदी के कुछ ही इंसान को यह पता है की दिल से साफ रहना क्या है? मतलब है कि हमारा दिल और मन साफ होना चाहिए। दिल में किसी के प्रति गलत विचार या किसी को दुख पहुंचाने का विचार या नुकसान देने का विचार न हो। अगर है तो वह इंसान जीवन में खुश ओर सफलता को प्राप्त करना मुश्किल हो जाता है।

कुछ इंसान सत्यता नहीं दिखाते यानी कि जो है वह कभी नहीं दिखाते। हकीकत से कुछ अलग ही दिखाते हैं। जैसे कि हम एक मिडिल क्लास इंसान या गरीब इंसान की बात करें तो, वह बड़े लोगों के जैसा दिखने के लिए या अमीर दिखने के लिए पूरी कोशिश करेगा।

मेरे हिसाब से बस सिर्फ एक दिखावा ही होता है सच नहीं। अगर इससे आगे बढ़े तो अपने घर में कोई सामान लाते हैं तो, किस्त पर लाते हैं यानी लोन पर लाते हैं क्योंकि उसके पास इतने पैसे नहीं होते हैं और ना ही उतनी आमदनी होती है।

जब वह समय पर कर्जा नहीं दे पाता है तो फिर 1 दिन इतना कर्जा हो जाता है कि, उसका जीना मुश्किल हो जाता है फिर दुखी होता रहता है और अंत में आत्महत्या कर लेते हैं।

आज का ही अगर आप अखबार पड़ेंगे तो कम से कम आप को दो से तीन किस्से आत्महत्या के जरूर देखने को मिलेंगे। यह एक ऐसा सच है जिसे, कुछ लोग ही स्वीकार करते हैं।

जिस दिन सच को स्वीकार कर लिया जाएगा उस दिन से उनके दिल में यह सवाल कभी नहीं आएगा कि हम हमारे जीवन में खुश कैसे रहे– khush kaise rahe. वह सिर्फ अपना जीवन नेचुरली जी रहा होगा और खुशी से जी रहा होगा।

 

3. संतुष्ट रहना

जीवन में खुश रहने के लिए स्वयं को संतुष्ट भी महसूस करना जरूरी है क्योंकि, जब तक हम अंदर से संतुष्ट महसूस नहीं करते तब तक बाहर हम खुशी का अनुभव नहीं कर सकते हैं।

जीवन में इंसान बहुत कुछ करता है ख़ुशी और सफलता को प्राप्त करने के लिए पर जब तक, वह संतुष्ट नहीं होगा तब तक वह खुश भी नहीं होगा।

 

 

अगर इंसान संतुष्ट हो जाता है तो, उसे और अधिक सुख पाने की इच्छा समाप्त हो जाती है। तब ही वह संतुष्ट माना जाता है।

जीवन में संतुष्टता के गुण को उतारना चाहिए। संतुष्टता का गुण बहुत बड़ा है। हर परिस्थिति में इंसान को यह गुण का उपयोग करना चाहिए उसके बाद ही वह खुश रह सकता है। जब यह अपने जीवन में उतार लेता है तब वह सफलता के ऊंचाइयों रूपी शिखर पर पहुंचना शुरू कर देता है।

4. व्यायाम और योगा करना

मनुष्य के लिए व्यायाम और योग अत्यंत आवश्यक है। क्योंकि इससे हमारे शरीर को जरूरी मात्रा में एनर्जी और आनंद का एहसास होता है। जैसे कि योगा करके खुश रहने की गुणवत्ता को बढ़ा सकते हे और हम खुश रहेंगे तभी तो हमारे मित्र और फैमिली मेंबर को भी खुश करेंगे।

व्यायाम करने से शरीर को और भी ऊर्जा प्राप्ति होती है और वह सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है।

व्यायाम करने से बहुत सारी बीमारियों को हम जड़ से खत्म कर सकते हैं ओर दुबारा उन बीमारियों का आना नामुमकिन हो जाता है।

आज के समय में अगर देखा जाए तो सबको मोटापे का सामना कर रहा करना पड़ रहा है क्योंकि मनुष्य स्वयं के लिए समय बिल्कुल भी नहीं निकाल रहा है। वह तो बस अपनी लाइफ स्टाइल में व्यस्त है पर जब अति में जाता है तब व्यायाम करने की शुरुआत करता है।

वैसे तो व्यायाम करने के अनेकों फायदे हैं उनमें से एक है हमारे अंदर Positivity रहती है और उससे हम काफी मात्रा में ज्यादा खुश रह सकते हैं।

5. विश्वास

सबको समय के साथ चलना जरूरी है नहीं तो हम पीछे रह जाएंगे और समय आगे निकल जाएगा। समय पर हमें मनुष्य की परख भी करनी पड़ती है अगर नहीं करते हो तो वह हमें बहुत नुकसान पहुंचा सकता है। फिर हम खुश कैसे रहेkhush kaise rahe उसके रास्ते खोजते रहते हैं।

 

 

जीवन में खुश रहने के लिए जिन पर जरूरी हो उतना ही ध्यान केंद्रित किया जाए तो अच्छा है क्योंकि जरुरत से ज्यादा सुख भी इंसान को पागल कर देता है।

विश्वास करने की बात करें तो आज के समय में हम मजबूरी में किसी के ऊपर विश्वास करना पड़ता है पर अगर उसमें से उच्च सतर्कता रखी जाए तो हमें धोखा मिलने की डर बहुत कम हो जाता है।

जब इंसान एक बार धोखा प्राप्त करता है तो वह दूसरी बार सोच समझकर कार्य करता है। क्योंकि पिछली बार उसे बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था।

इस दुनिया में विश्वास करने योग्य बहुत कम इंसान हैं अगर विश्वास करना ही पड़े ऐसी परिस्थिति हो तो बहुत सोच समझकर विश्वास करें या फिर उस व्यक्ति को संपूर्ण रूप से पररखकर ही विश्वास करें।

वैसे कहा जाता है की विश्वास पर ही दुनिया चल रही है। यह बात भी सच है अगर हम कल पर ही विश्वास नहीं करेंगे तो खुशी कैसे मिलेगी। हमें समय अनुसार सबके साथ चलना है और खुश भी रहना है।

6. मदद की भावना

दुख के समय हर इंसान को मदद की जरूरत पड़ती है और मनुष्य ही मनुष्य की मदद नहीं करेगा तो कौन करेगा? यह बात शायद सबको पता है।

दुख हमारे जीवन में आए एक साधारण बात है। पर क्या हम किसी को दुख के समय में मदद कर सकते हैं?

अगर हम चाहे तो जरूर कर सकते हैं। अगर नहीं करते हैं आज से करना शुरू कीजिए। क्योंकि आज अगर आपने किसी और इंसान की मदद नहीं की तो कल जब आपका बुरा समय आएगा तब आप की भी कोई मदद नहीं करेगा। तब आपको अपने आप पर बहुत पछतावा होगा।

हमारे वेदों पुराणों में भी देवी देवताओं के समय में भी एक दूसरे की मदद करते थे। तो क्या हम मदद नहीं कर सकते हैं?

अगर नहीं करेंगे तो हमारे जीवन में मदद शब्द का महत्व क्या है वह नहीं समझ पाएंगे ।

और हां दोस्तों किसी को भी मदद करने का एक बहुत बड़ा फायदा भी है। वो यह है कि हमें अंदर से बहुत खुशी मिलती है। और जब ख़ुशी का एहसास होगा तब हम अपने आप से या कभी सवाल नहीं करेंगे कि जीवन में खुश कैसे रहेkhush kaise rahe

तो आशा करता हूं कि जीवन में खुश कैसे रहेkhush kaise rahe यह आर्टिकल पढ़कर आपको अच्छा लगा होगा और इस आर्टिकल में आपका कोई सुझाव हो तो हमें कमेंट में जरूर बताएं।

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