मुसीबत में भगवान को याद करना – museebat mein bhagavaan ko yaad karana

मुसीबत में भगवान – वर्तमान समय में हम सब देख ही रहे हैं कि कितने समय है और कितने दुख से भरा पड़ा है आज का इंसान तो इन सब मुसीबतों से ही समस्याओं से बचने के लिए भगवान को याद करना ही एकमात्र रास्ता है। भगवान ही एकमात्र मनुष्य का गुरु है रक्षक है सब कुछ है क्योंकि हमारे जीवन के नया सिर्फ भगवान के ऊपर समर्पित है।

इंसान भगवान को कब और क्यों याद करता है?

लोग भगवान को सिर्फ मुसीबत में ही याद करते हैं यह सच है। क्योंकि इंसान जब सुख में होता है तब तो भगवान को बिल्कुल ही भूल जाता है और ऐसे जीवन जीता है जैसे भगवान से उसका कोई लेना-देना ही नहीं हो।

आज के इंसान यह बात भूल गए हैं कि भगवान ने मनुष्य को बनाया है मनुष्य ने भगवान नहीं। कुछ लोग ऐसे वहम में जी रहे हैं।

मुसीबत के वक़्त लोग भगवान को क्यों याद करते हैं?

जब इंसान के पास ज्यादा सुख संपत्ति वैभव सीमित सीमा से ज्यादा आती है तब वह इंसान भगवान को सही मायने में भूल ही जाता है कि इस दुनिया में भगवान भी है।

अगर इंसान के जीवन में थोड़ी सी मुसीबत आती है तो तुरंत भगवान को याद करता है यह हर एक इंसान का आमसभा है वैसे तो हर व्यक्ति ऐसे ही करता है मुसीबतों का सामना करने में जब सक्षम नहीं होता है तो एक एक मात्र भगवान को याद करके मुसीबतों से लड़ने का सोचता है।

कई मनुष्य के जीवन में ऐसा अनुभव भी हुआ होगा जो लोग भगवान को ज्यादा पूछते हैं उनको भगवान ने कई बार बचाया है बड़ी बड़ी परिस्थितियों से बड़ी बड़ी समस्याओं से। जिन भी मनुष्य को यह अनुभव एक बार हो जाता है वह भगवान का नाम लेना कभी नहीं छोड़ता क्योंकि उसको अपनी पिछली परिस्थिति और समस्या को भूलता नहीं है।

हमारे मन की मुताबिक हम कुछ सोचते हैं कि हमें यह मिल जाए और अगर वह हमें नहीं मिलता है तो हम इसका दोष भगवान को देते हैं कि भगवान तूने ऐसा क्यों किया? यह मुझे मिलना चाहिए था यह मुझे क्यों नहीं मिला?

इंसान के जीवन में इतना दुख क्यों आता है जिंदगी में दुख ही दुख क्यों है अगर आप भी इन सब सवालों के जवाब ढूंढ रहे हैं तो यहां पर क्लिक करें ।

 

मुसीबत में भगवान को याद करने अलावा और कोई रास्ता ही नहीं है मनुष्य के पास

 

लेकिन आपको जो चाहिए वो भगवान कभी नहीं देखा भगवान आपको वही देगा जिसकी आपको जरूरत है इसलिए आप वही सोचो जिसकी आपको जरूरत है।

दुःख में ही क्यों भगवान को याद करते हैं?

अगर इंसान बिना कुछ समस्या के भी भगवान को याद करें तो उसके जीवन में समस्याओं का आना बहुत कम हो जाता है। और उसको भगवान को याद करने के लिए बहुत कठिन परिश्रम नहीं करना पड़ता है। मनुष्य जीवन में कई क्षण ऐसे भी होते हैं जिसके उस समय उसके पास भगवान को याद करने के सिवा और कोई रास्ता ही नहीं बचा होता।

कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो समय ना मिलने के कारण भगवान की पूजा पाठ नहीं कर पाते लेकिन वह दिल में भगवान को याद रखते हैं पर भगवान भी उनको सच्चे मन से मदद करते हैं क्योंकि वह भगवान को सच्चे दिल से याद करता है भले ही पूजा पाठ नहीं करता है।

भगवान की बताई हुई हर बातों को पूरा मानता है उनके हर एक बताए रास्ते पर चलता है तो भगवान को भी अच्छा लगता है। इसलिए भगवान को ऐसे लोग ज्यादा पसंद है जो उनके बताए हुए रास्ते पर चले किसी को दुख ना दे सबको खुश रखे।

ऐसे लोगों के जीवन में तकलीफ है तो बहुत आती है कई बार इंसान भी इतना इतनी हद तक अपने आप को दुखी महसूस करता है कि उसको कैसे बयां करें कुछ समझ में नहीं आए लेकिन फिर भी उसको जीवन जीने के लिए भगवान हिम्मत देता है ताकि उसको आगे भी अपने परिवार का जिम्मा अच्छे से पूरा करना है।

हमारे आसपास के समाज में हमने कुछ ऐसे लोगों को देखा होगा जो भगवान के हर एक बनाई हुई जिससे उनको दुख ही दुख है वह हमेशा भगवान को कोसते ही रहते हैं वह कभी यह नहीं कहते कि भगवान आपने यह जो शक किया वह सब अच्छा किया वह और या फिर वह मेरे लिए अच्छा है।

वह लोग किसी ना किसी तरह से भगवान की बनाई हुई सृष्टि में से कुछ ना कुछ कमियां निकालते रहते हैं लेकिन वह इस कमी के पीछे का कारण क्या है वह कभी नहीं सोचते इस दुनिया में जो भी आप की आंखों से देख रहे हैं वह सब भगवान का बनाया हुआ ही है।

जब इंसान को पता है कि उसके क्वेश्चन से कुछ नहीं होता है जो होगा भगवान की मर्जी से ही होगा तो फिर भी इंसान भगवान को खोजता रहता है और घोषणा के बाद भी उसके पास और कोई रास्ता नहीं है सिवाय भगवान की वह अंत में फिर से वही ही जाने वाला है यह पक्की बात है।

आज का मनुष्य सुख सुविधाएं और धन संपत्ति प्राप्त करने के लिए कोई भी काम करने को तैयार है जैसे कि खून चोरी डकैत या फिर और भी ऐसे बहुत काम है जो मनुष्य को नहीं करनी चाहिए लेकिन फिर भी वह करते हैं। जब यह काम करते हुए पकड़े जाते हैं तो वह छूटने के लिए भगवान से विनती प्रार्थना करते हैं मंदिर जाकर अपना सर पटक ते हैं। तो यह गलती करने के बाद माफी मांगने के लिए भगवान के पास जाते हैं लोग। अब गलती की सजा तो मिलेगी ही क्योंकि गलती जो की है और भगवान तो हर गलती की सजा देता ही है तो मनुष्य तो देगा ही।

अलग-अलग धर्मों के लिए और लोग अलग-अलग भगवान को मानते हैं लेकिन सब का अंत में रास्ता तो एक ही है। भगवान।

भगवान कभी यह नहीं कहता कि इंसान अपनी सुख-सुविधा के लिए कोशिश ना करें। भगवान हमेशा यही चाहते हैं कि सुख सुविधा को प्राप्त करने के लिए नीति के राह पर चलकर सुख सुविधाओं को हासिल करें ।

हमारे साथ रहने वाले उन सब को खुश रख कर चले अगर हम खुश रहेंगे तो सबको खुश करेंगे अगर हम खुश ही नहीं रहेंगे तो सब को खुश कैसे करेंगे? सब को खुश रखेंगे तो हमारे जीवन में समस्याओं का आना एकदम ना के बराबर हो जाएगा। और जब भी जितना भी समय मिले भगवान को याद करते चले।

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