नकारात्मक सोच से छुटकारा कैसे पाएं-how to get rid of negative

0
405
नकारात्मक सोच से छुटकारा

नमस्कार दोस्तों, आज हर कोई नकारात्मकता और नकारात्मक सोच से छुटकारा पाना चाहता है पर उसके लिए क्या करें यह जानकारी मिलना मुश्किल है तो इस आर्टिकल में इसकी जानकारी हम आपको दे रहे हैं।

नकारात्मक सोच से छुटकारा तो हर कोई पाना चाहता है और इसका सही रास्ता क्या है यह आपको अब हम बता रहे हैं कुछ मुद्दे लेकर के।

सकारात्मक रहें

पॉजिटिव रहना यह बहुत अच्छी आदत है इस आदत से जीवन में कोई भी इंसान किसी भी प्रकार की सफलता को आसानी से प्राप्त कर सकता है।

पॉजिटिव रहने के लिए हमें अच्छे लोगों के साथ रहना चाहिए क्योंकि अगर हम नेगेटिव लोगों के साथ रहेंगे तो हमारे अंदर नकारात्मकता प्रवेश हो जाएगी और नेगेटिव से नेगेटिव ही विचार उत्पन्न होते हैं और उससे सिर्फ इंसान को दुख ही मिलता है।

पॉजिटिव माइंड के लिए हमें पुस्तकालय में हर रोज कम से कम 2 घंटे जाकर अच्छी किताब का अध्ययन करना चाहिए। ऐसा करने से हमें मोटिवेशन जन्म लेता है और नकारात्मक सोच का सामना नहीं करना पड़ता है।

हमारे अंदर सकारात्मक व्यक्तित्व विकास होना अति आवश्यक है।

जैसे की स्टोरी बुक। जो बड़े लोग हैं उनकी जीवन कहानियां, नवलकथा और हमारे भारतीय संस्कृति के वेद पुराणों का अध्ययन करना है।

पॉजिटिव बनने के लिए नकारात्मक सोच से छुटकारा पाने के लिए हमें मंदिर मस्जिद जाकर भगवान का स्मरण करना चाहिए। जो एक दूसरे की बुराई करते हैं उन लोगों से हमें दूर रहना चाहिए क्योंकि बुराई करने से हमारे अंदर बुराई धीरे-धीरे करके आती है और वह नेगेटिव विचार में बदल जाती है और फिर हमें नकारात्मक सोच से छुटकारा पाना भी तो है। हमेशा कोशिश करें कि सकारात्मक बने रहे।

यह भी पढ़े – व्यक्तित्व विकास

नकारात्मकता से सिर्फ नकारात्मकता है फैलती है।

समय पर भोजन

मनुष्य अपने जीवन में सब कुछ बहुत कम मिनट में काम करना चाहता है। कम समय में सारे काम करना चाहता है कई जगह पर वह सफल भी हुआ है पर उन्हें सफल कोशिशों के चक्कर में वह अपनी सेहत का ख्याल रखना भूल जाता है। वह समय पर भोजन और नाश्ता आदि नहीं करता है।

नेगेटिव विचार क्यों आते हैं..

अगर हमारे शरीर को समय पर भोजन नहीं मिलता है तो उसकी प्रक्रिया में बहुत गहरा असर पड़ता है उदाहरण के लिए अगर हम गाड़ी में पेट्रोल, गैस ओर डीजल आदि नहीं डालेंगे तो गाड़ी चल नहीं सकती। अगर हमें गाड़ी का उपयोग करना है तो गाड़ी में समय पर पेट्रोल,गैस ओर डीजल आदि डालना पड़ता है। क्योंकि यह गाड़ी की खुराक है गाड़ी इसके बिना बिल्कुल भी काम नहीं करती है

ठीक वैसे ही हमारे शरीर को शुद्ध खुराक की जरूरत होती है। शुद्ध और सादा खुराक। पर आजकल कुछ लोग ही ऐसा खुराक खाते हैं वरना बाकी तो सब चटाखेदार-मसालेदार भोजन ही खाते हैं मसालेदार भोजन खाने से हमारे स्वास्थ्य में बहुत फर्क पड़ता है। यह हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है ऐसा बड़े-बड़े वैज्ञानिकों ने साबित कर दिया है।

अगर हमारा शरीर तंदुरुस्त है तो हमें यह चिंता बिल्कुल नहीं रहेगी कि तंदुरुस्ती के लिए क्या करें?

अगर हम बाहर का चट्टाकेदार-मसालेदार भोजन करते हैं तो हमारे शरीर में कुछ छोटी-छोटी परेशानियां जन्म लेती है। जैसे की छाती में जलन होना ओर पेट में एसिडिटी का रहना फिर धीरे-धीरे बीमारियों का प्रमाण बढ़ता रहता है। जितना हो सके उतना हमें मसालेदार भोजन को इग्नोर करना चाहिए।

हमारे भारतीय संस्कृति में जो ऋषि मुनि थे वह लोग जो भोजन करते थे वह शुद्ध और सादा ही भोजन करते थे और उनसे ही उनकी सेहत में यानी की तंदुरुस्ती में बहुत फर्क पड़ता था वह बहुत लंबा जीवन जीते थे।

शांत स्वाभाव

मनुष्य के लिए शांत होना भी बहुत जरूरी है क्योंकि, वह भी नकारात्मक सोच से छुटकारा पाने के लिए बहुत मदद करता है।

स्वभाव की बात करें तो स्वभाव किसी का भी एक जैसा नहीं होता है क्योकि, यह किसी को भगवान ने नहीं दिया होता है। सब अपने जीवन की परिस्थिति के मुताबिक उसको बना लेते हैं।

स्वभाव इंसान के आसपास होने वाली घटना पर आधारित होता है, अगर वह खुशी भरे माहौल में रहता है तो उसका स्वभाव खुशमिजाज होगा और अगर वह दुखों के माहौल में ज्यादा रहता है तो, बिल्कुल नकारात्मक स्वभाव हो सकता है।

यह भी पढ़े – जीवन क्या है? What Is Life In Hindi

आज के समय में किसी भी परिस्थिति कोई ठिकाना नहीं होता है। कभी खुशी का माहौल होता है तो कभी गम का। यानी कि पता नहीं कब हमारे साथ क्या हो सकता है।

समझने के लिए एक नन्हे बच्चे को ले लो, बच्चा हमेशा हंसता खेलता रहता है कभी कुछ खाने की डिमांड करता है, कभी कुछ खेलने की डिमांड, कभी कुछ पीने के डिमांड तो कभी यह फिक्स नहीं हो सकता।

सभी प्राणियों में मनुष्य जीवन दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण है।

हमें सब परिस्थितियों में वैसे बना के चलना होता है जैसे पानी। पानी को हम कहीं भी रख दे या कहीं भी फेंक दे वह अपना लेवल एक जैसा बनाकर ही छोड़ता है और उसको कभी भी कोई भी रास्ता नहीं दिखाना पड़ता है वह अपना रास्ता खुद ही चुन लेता है। चाहे रास्ते अच्छे हो या बुरे हो चाहे गड्ढा हो या सही रास्ता है वह अपना हिसाब खुद कर लेता है।

नेगेटिव सोच का इलाज

कुदरती वातावरण

मनुष्य आजकल कुदरती हवा में रहना बहुत कम पसंद करता है जो कि उसके स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छी होती है और नकारात्मक सोच से छुटकारा पाने के लिए बहुत फायदेमंद है।

कुदरती हवा का अनुभव करना हमारे जीवन के लिए बहुत आवश्यक है। वैसे हर कोई अपने समय के मुताबिक बाहर घूमने के लिए अपेक्षा करता है और कुछ तो वर्ल्ड टूर भी करते रहते हैं जिससे उसका दिमाग का वातावरण बदले।

अगर बाहर जाकर घूम नहीं सकते हैं तो कम से कम हमारे घर के आस-पास के बाग बगीचे में जा कर के वहां बैठ कर उसकी ताजी हवा का मजा तो जरूर ले। क्योंकि वह ताजी हवा हमारे शरीर में जाना बहुत जरूरी है उससे हमारे शरीर में पॉजिटिव एनर्जी उत्पन्न होती है और हमारा मन और दिल भी साफ हवा का अनुभव करता है।

खुशनुमा पलों को याद करो

हमारे बीते हुए अच्छे पलो से खुशी मिलती है वह भूलाना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि वह हमारा एक यादगार पल हो जाता है। जब भी उन पलों को हमें याद करेंगे तब वह खुशी फिर हमारे अंदर आती हैं और इस ख़ुशी का एहसास कर के भी हम नकारात्मक सोच से छुटकारा पा सकते हैं। इसका अनुभव शायद आप अब तक कर चुके होंगे।

खुशहाल पलों से हमें जिंदगी को और अच्छे से जीने का एक एहसास दिल में पैदा कर जाती है जो हमारी जीवन के लिए बहुत फायदेमंद है।

यह भी पढ़े – बुरे समय में खुद खुश कैसे रहें

आज हर एक इंसान नकारात्मक सोच से बहुत गिरा हुआ है उसको सकारात्मक कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है। वह सकारात्मक सोच को पाकर खुश रह सकता है और अपनी फैमिली में सब को खुश भी कर सकता है।

दुःख से दुखी न हो

दुनिया में बहुत सारे लोग अपने दुख से बहुत दुखी है पर यह भी एक नेचुरल बात है इंसान को जीवन में सुख और दुख का अनुभव करना चाहिए।

सुख का अनुभव तो हर कोई अच्छे से कर लेता है पर दुख के अनुभव करना हर किसी के बस की बात नहीं है। क्योंकि दुख में तो इंसान खुद ही टूट कर चकनाचूर हो जाता है। वह खुद को भी भूल जाता है और इतना परेशान हो जाता है कि क्या करें क्या ना करें यह भी समझ नहीं पाता है।

मेरे मुताबिक अगर हमें नकारात्मक सोच से छुटकारा पाना है तो यह हमेशा याद रखेंगे कि आप अपनी समस्या से कई गुना बड़े और समझदार हैं।

मनुष्य ही इस पृथ्वी पर सबसे समझदार प्राणी है।

मनुष्य को अपने लिए क्या अच्छा है क्या बुरा है यह सब पता है पर फिर भी कुछ लोग दुखी होते रहते हैं। और एक बात हम सब जानते हैं कि दुख सदा के लिए नहीं है वह सिर्फ कुछ समय के लिए ही है।

कुछ लोग तो सबसे अलग ही है उनको जीवन में गलती करके इतना दुख नहीं होता जितना उस गलती को बार-बार याद करके होता है। एक ही गलती को बार-बार याद करना या रोना यह भी नकारात्मक सोच से छुटकारा दिला नहीं सकता है।

यह भी पढ़े – जीवन में खुश कैसे रहे 

जीवन में अगर नकारात्मक सोच से छुटकारा पाना चाहते हो तो जितना हो सके हंसते रहिए और इस आर्टिकल में दी गई सभी बातों का ध्यान रखिए तो आप नकारात्मक सोच से कभी परेशान नहीं होंगे।

मुझे उम्मीद है कि आप को यह आर्टिकल बहुत पसंद आया होगा, अगर आपको किसी और टॉपिक पर जानकारी चाहिए या कोई सुझाव हो तो हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं या फिर हमें ईमेल भी कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here