प्राकृतिक आपदा की समझ – Praakrtik Aapada in Hindi

प्राकृतिक आपदा क्या है

प्राकृतिक आपदा उसे कहते हैं जो सिर्फ और सिर्फ प्रकृति से ही आती है। जैसे की बाढ़ भूकंप बवंडर चक्रवात सुनामी आदि। ऐसी बहुत सारी प्राकृतिक आपदाएं आपने देखी भी होगी और कुछ सुने भी होगी जो हकीकत में होती ही है।

इन प्राकृतिक आपदा पर मनुष्य का किसी भी प्रकार का कोई दबाव काम नहीं करता है। मनुष्य इनके आगे बिल्कुल बेबस है। वह चाहते हुए भी कुछ भी नहीं कर सकता है। अगर वह कर सकता है तो सिर्फ और सिर्फ अपना बचाव।

प्राकृतिक आपदा  पहले से आ रही है इसमें मनुष्य के बस में कुछ भी नहीं है वह सिर्फ देख सकता है। और इससे बचने के उपाय खोज सकता है।

मुख्य प्राकृतिक आपदाएं

  • बाढ़
  • भूस्खलन
  • ज्वालामुखी
  • सुनामी
  • भूकंप

ऊपर बताई गई सभी आपदाओं में से कोई भी आप जाएं इंसानी मनुष्य के लिए बहुत हानिकारक हो सकती है। जहां जहां प्रकृति होती है वहां वहां प्रकृति आपदा एक आने की पूरी सत्यता होती है। हम मनुष्य को इस तरह से नुकसान पहुंचा सकती है जिसकी वह सिर्फ कल्पना ही कर सकता है अगर गलती से भी उसकी आंखों के सामने कोई भी आपदा आती है तो जीवन में कभी भी इसे भूल नहीं पाता है।

यह भी पढ़े: चिंता से मुक्ति कैसे प्राप्त करें

यह आपदाएं प्राकृतिक प्रक्रिया के कारण होती है वह हमें अपनी शक्तियों से सर्वनाश का थोड़ा सा अनुभव कराती है। यह अनुभव अगर सामने ही आ जाए तो हमारी तो बोलती ही बंद हो जाएगी। उनको आने के लिए किसी भी समय में किसी भी क्षेत्र को देखना नहीं पड़ता है वह कभी भी कहीं भी आ सकते हैं।

प्राकृतिक आपदा बाढ़

बाढ़ एक प्राकृतिक आपदा है जो बादल के फटने से या फिर तेज बारिश होने से या फिर बर्फ पिघलने से आ सकती है। इसमें पानी की बहने की स्पीड ज्यादा फास्ट होती है वैसे पानी भी ज्यादा होता है। इस पानी की गति के आगे कुछ भी नहीं टिक सकता।

आपने शायद टीवी आदि में भी देखा होगा कि इसके आने से मनुष्य जीवन पर इतना प्रभावित होता है। कुछ लोगों को खाना पीना भी नसीब नहीं होता है जिनको इस समस्या का सामना करना पड़ता होगा पता नहीं वह अपने इस बुरे वक्त को कैसे काटते होंगे?

यह भी पढ़े: आलस कैसे दूर करें

भूस्खलन

यह आपदा ज्यादातर पर्वतीय विस्तार में देखने को मिलती है पर्वत के पास में या दो पद के बीच में से जो पानी बहता है वहां पर यह आपदा होती है। पाने की गति बढ़ने के कारण पर्वत का संतुलन बिगड़ जाता है और वह पहाड़ के बीच में पहाड़ बीच में गिर पड़ता है और जो आने-जाने के रास्ते वह टूट कर बिखर जाते हैं । जो पर्वत ढलान वाले हैं उस एरिया में इसका प्रभाव बहुत ज्यादा पड़ता है।

ज्वालामुखी

ज्वालामुखी के बारे में ऐसा माना जाता है कि वह विदेश में ज्यादा होता है। इसमें धरती में धरती में छुपी हुई जो तगड़ी गर्मी है वह किसी रास्ते बाहर आती है। और जब वह बाहर आती है तो बहुत कुछ चीजें को अपने अंदर ही समा लेती है। माना जाता है कि यह ज्वालामुखी पर्वतीय संतुलन बनाने के लिए आता है।

इसका मुख्य कारण है इसके अंदर छिपी हुई तगड़ी गर्मी । वह ऐसी गर्मी है जो किसी भी चीज को 1 सेकंड में जलाकर राख कर देती है यहां तक कि बड़े बड़े पहाड़ भी इसके आगे टिक नहीं पाते हैं।

यह भी पढ़े: गुस्सा कैसे कंट्रोल करे

सुनामी

यह पानी से जुड़ी हुई आपदा है।। दरियाई लहरों को बहुत ऊपर तक ले जाता है कॉस्ट ऑफ यह लहरी इतनी खतरनाक होती है अगर इसकी लपेट में कुछ भी आता है तो पलक झपकते ही उसका सर्वनाश हो जाता है।

पानी हमें जीने के लिए बहुत जरूरी है, उसकी वजह से आज हम जिंदा है। सुनामी एक पानी का भयानक स्वरूप है जो कि बहुत खतरनाक होता है। यह कुदरत की वह शक्ति है जिसको हम सोच भी नहीं सकते इसके आगे सब फेल है।

भूकंप

भूकंप को हम जमीन की अंदर की हलचल भी कह सकते हैं। लेकिन जब यह आती है तो अच्छे अच्छों की नींद उड़ा देती है। भूकंप से सब डरते हैं क्योंकि यह जब आता है तब हम हमारे पास सोचने का भी समय नहीं होता है कि अब हम क्या करें? हम बस इधर-उधर भागते रहते हैं।

भूकंप जब आता है तब जमीन ऐसे हिलती है जिसे जमीन पर बनी हुई सारी चीजें वह अपने अंदर संभालेगी और जमीन फिर से एकदम खाली हो जाएगी।

वैसे तो इस दुनिया में भूकंप के झटके आते ही रहते हैं और बड़े लेवल पर सब का नुकसान करके जाते हैं। भूकंप एक सेकंड में सब कुछ बर्बाद करने की क्षमता रखता है।

दोस्तों, आशा करता हूं कि आज का आर्टिकल “प्राकृतिक आपदाएं” आपको समझ में आ गया होगा। यह जानकारी आप अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।

Leave a Comment

Share via
Copy link
Powered by Social Snap